BSF – बीएसएफ की स्थापना कब एवम् क्यों की गई?

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सीमा सुरक्षा बल भारतीय सीमा से लगे अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की रक्षा करने का कार्य करती है। यह विश्व की विशालतम बलों में से एक है। BSF  की 188 बटालियन कार्यरत है, जो देश के 6385 किलोमीटर की सुरक्षा के दायित्व का निर्वहन करती है, यह एक अर्ध सैनिक बल है।यह लगभग 2.50 लाख सुरक्षाकर्मी के साथ विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है। इसकी स्थापना का उद्देश्य भारत के विशाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करना था। अनेक उपलब्धियों के साथ आज भी यह बल देश के लिए सदा समर्पित होकर कार्य कर रहा है।

BSF  की स्थापना कब एवम् क्यों की गई?

बीएसएफ की स्थापना भारत-चाइना युद्ध 1962 के बाद ऐसे बल की आवश्यकता महसूस की गई, जो केवल सीमा की सुरक्षा करे। अतः 1 दिसंबर 1965 को इसकी स्थापना की गई इसका मुख्यालय दिल्ली में स्थित है इसके प्रथम डायरेक्टर जनरल रुस्तम जी थे। BSF के अधिकांश डायरेक्टर जनरल सीनियर आईपीएस अधिकारी होते हैं BSF के वर्तमान डायरेक्टर जनरल सुरजीत सिंह देसवाल जी हैं।

बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में कितने जवान कार्यरत हैं?

बी एस एफ की 188 बटालियनों में लगभग 2.50 लाख जवानों के साथ यह विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल बन गया है।

भारत में BSF से पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा कौन सा बल कार्यरत था?

बीएसएफ से पहले भारत के अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा एवं नियंत्रण का दायित्व राज्यों के पुलिस द्वारा किया जाता था अलग-अलग राज्यों के पुलिस अपने अपने क्षेत्र की सुरक्षा स्वयं करते थे।  1962 के युद्ध में भारत के सामरिक कमजोरियां उजागर हुई अतः राज्य की पुलिस की जगह बीएसएफ की स्थापना कर यह दायित्व उन्हें सौंप दिया गया।

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सीमा सुरक्षा बल में क्रोकोडाइल विंग क्या है?

सीमा सुरक्षा बल में crocodile wings भी है, जो गुजरात के तटीय क्षेत्रों की सीमाओं की रक्षा बड़े ही जोश होश एवं बहादुरी के साथ करते हैं। हमेशा सजग सतर्क रहकर दुश्मनों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं। जरूरत पड़ने पर यह युद्ध के लिए भी तैयार रहते हैं। इन्हें सुपर सोल्जर भी कहते हैं, यह मुश्किल से मुश्किल हालातों में भी स्वयं को ढालने में समर्थ होते हैं।यह बल 1882 जमीनी और 18 जलीय चौकियों द्वारा सीमा सुरक्षा व प्रबन्धन का कार्य करता है।

BSF जवानों का प्रशिक्षण कहां और कैसे होता है?

इनका प्रशिक्षण भी अन्य सैनिकों की तरह कठिन कठोर प्रशिक्षण के माध्यम से इन्हें प्रशिक्षित किया जाता है और हर परिस्थिति में लड़ने की ट्रेनिंग दी जाती है।

बीएसएफ जवानों को इस तरह से प्रशिक्षण किया जाता है कि शान्तिकाल में ये सीमाओ पर नजर रख सकें और युद्धकाल में पेशेवर सैनिक की तरह दुश्मनों को पराजित कर सके।

प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान की बात करें तो –

सेन्ट्रल स्कूल ऑफ़ वेपन एंड टैक्टिस इंदौर तथा ट्रेनिंग सेंटर एंड स्कूल हजारीबाग (झारखंड) में है| ‘सीमा सुरक्षा बल अकादमी टेकनपुर, सेन्ट्रल स्कूल ऑफ़ मोटर ट्रांसपोर्ट टेकनपुर, नेशनल ट्रेनिंग फॉर डॉग्स टेकनपुर, BSF टेकनपुर में 1976 से एक एक अलग Tear Smoke Unit भी चलाते है ये दंगो के दौरान अश्रु गैस का छिडकाव करते है।

BSF किस नियम एवं अधिनियम के तहत कार्य करती है?

संसद द्वारा 1968 में बीएसएफ के लिए एक अलग अधिनियम बनाया गया जिसका नाम था सीमा सुरक्षा बल अधिनियम 1968 इसके माध्यम से बीएसएफ के कार्यों का संचालन किया जाता है समय-समय पर इनके नियमों की समीक्षा भी की जाती है।

BSF में महिलाओं की भागीदारी कितनी है?

बीएसएफ में भी समय के अनुसार नियमों एवं सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत अनेक सुधार किए गए हैं।  जिसमें महिलाओं की भर्ती भी शामिल है। वर्तमान समय में 1000 के आसपास महिला सुरक्षाकर्मियो की भर्ती की जा चुकी है। यह सभी देश की सीमा की रक्षा बखूबी कर रही हैं।2017 में BSF की पहली महिला फिल्ड अधिकारी तनुश्री पारिख को बनाया गया है। जो नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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BSF में कौन कौन से रैंक वह पद होते हैं?

बीएसएफ में मुख्य रूप से कांस्टेबल, हैड कांस्टेबल, एएसआई, डीएआई, आईजी आदि पद होते हैं। इनके पद भारतीय सेना के पदों से भिन्न होते हैं यह पुलिस को जो रंग प्राप्त होते हैं वही रैंक वह पद बीएसएफ के जवानों को प्राप्त होते हैं।

भारतीय सेना और BSF में अंतर क्या है?

सेनाओं का कार्य लगभग एक समान होता है परंतु अलग-अलग बलों की कार्य पद्धति अलग होती है। भारतीय सेना और BSF  के जवानों में बीच अंतर होता है , बीएसएफ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF)में आते हैं,  ये सुरक्षा बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं, बीएसएफ शीतकाल के दौरान तैनात की जाती है, जबकि सेना युद्ध के दौरान सीमा सुरक्षा संभालती है। बीएसएफ के जवानों को हमेशा सीमा की सुरक्षा के लिए तैयार रहना पड़ता है।

BSF के जवानों को सीमा पर तैनात किया जाता है, जबकि भारतीय सेना के जवान सीमा से दूर रहते हैं और युद्ध के लिए खुद को तैयार करते हैं, साथ ही यह क्रॉस बोर्डर ऑपरेशन भी करती है, भारतीय सेना के जवानों को बीएसएफ के जवानों से ज्यादा सुविधा मिलती है।  इसमें कैंटीन, आर्मी स्कूल आदि की सेवाएं शामिल होती है, वहीं भारतीय सेना रक्षा मंत्रालय, जबकि बीएसएफ गृह मंत्रालय के अधीन होती है।

शांति काल के समय बीएसएफ के कार्य कौन-कौन से हैं?

BSF द्वारा शांति काल में अनेक कार्य किए जाते हैं जिसमें नागरिकों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना, तस्करी और गैर कानूनी गतिविधियों को रोकना, अंतर सीमा अपराध, अनाधिकृत तरीके से भारत की सीमा में प्रवेश तथा सीमा के पार जाने के प्रयत्नों को रोकना, सीमा की रक्षा के साथ जरूरत पड़ने पर देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भी तैनात होना आदि शामिल है।

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युद्ध काल में BSF के कौन-कौन से कार्य होते हैं?

बीएसएस युद्ध काल में भी देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्य करती है। वह भारतीय सेना के पथ प्रदर्शक के रूप में उन्हें सही दिशा प्रदान करती है, घुसपैठियों को रोकने का काम त्वरित कार्यवाही हेतु अल्प कालीन युद्ध में भूमिका का निर्वहन करना। सैनिक कानूनों के अंतर्गत नियमों का पालन कराना आदि प्रमुख कार्य हैं। इसके साथ ही अन्य बहुत से ऐसे कार्य किए जाते हैं जो परिस्थिति जन्य आवश्यक हो।

BSF किन क्षेत्रों की सीमाओं की रक्षा करती है?

BSF मुख्य रूप से पाकिस्तान व बांग्लादेश देशों से लगे अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा करती है इसके अंतर्गत गुजरात राजस्थान पंजाब जम्मू कश्मीर पश्चिम बंगाल असम मेघालय त्रिपुरा मिजोरम से लगे अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा व पहरेदारी करती है

बीएसएफ की प्रमुख उपलब्धियां कौन-कौन सी रही हैं?

बीएसएफ के द्वारा इसकी स्थापना के से आज तक शांति काल एवं युद्ध काल में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है , साथ ही 1999 के कारगिल युद्ध में इसने देश की रक्षा बड़े ही कर्तव्य परायण रूप से पूर्ण की है। शांति काल ने बीएसएफ ने 2001 में आए भुज भूकंप में गुजरात के क्षेत्र को पुनः स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का भी कार्य बीएसएफ के जवानों के द्वारा किया जाता है।  हजारों बीएसएफ जवान देश की रक्षा के लिए शहीद हो चुके हैं और अनेक पुरस्कारों वह पदकों से सम्मानित इन्हें किया गया है।

यूएन peacekeeping force में BSF का क्या योगदान रहा है?

यू एन के के पीसकीपिंग फोर्स में सर्वाधिक सैनिकों को भेजने वाला भारत देसी है इस इस में सर्वाधिक संख्या में बीएसएफ के जवान दूसरे देशों में शांति स्थापित करने के लिए भेजे जाते हैं कई जवानों को यू एन अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है

बीएसएफ जवानों को कौन-कौन से पदक एवम् पुरस्कार प्राप्त हुए हैं?

बीएसएफ के जवानों को आर्मी अवार्ड, सिविल अवार्ड्स एवम् पुलिस अवार्ड्स से सम्मानित किया जा चूका है। आर्मी अवार्ड्स के अन्तर्गत महावीर चक्र, परम विशिष्ट सेवा मेडल, कीर्ति चक्र, वीर चक्र, अति विशिष्ट सेवा मेडल, शौर्य चक्र, सेना मैडल, विशिष्ट सेवा मेडल आदि।

नागरिक अवार्ड्स में पद्मा विभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री, pm मेडल ऑफ़ लाइफ सेविंग, अर्जुन अवार्ड, उत्तम जीवन रक्षा पदक, जीवन रक्षा पदक आदि प्रमुख हैं।

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