Sukanya Samriddhi Yojana क्या है। जानिए सब कुछ।

Sukanya Samriddhi Yojana

सुकन्या समृद्धि योजना (sukanya samriddhi yojana)

sukanya samriddhi yojana केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य नारी सशक्तिकरण के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाना है। छोटी बजट योजना के माध्यम से देश की अधिक से अधिक बच्चियों तक इसका लाभ पहुचाना है।

भारतीय पारंपरिक विवाह में अत्यंत धन खर्च होता है जिसे ध्यान में रखकर यह योजना शादी ब्याह के समय सहायता हेतु शुरू की गई है। इस योजना के अनेक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ जनता तक पहुंच रहा है। जिसके बारे में हम अपने पाठकों तक विस्तार से जानकारी देंगे ताकि वह योजना का लाभ उठा सके।

sukanya samriddhi yojana कब शुरू की गई?

यह योजना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल द्वारा 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के हिस्से के रूप में शुरू की गई।

योजना शुरू करने का कारण क्या था?

कन्याओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए यह योजना की शुरुआत की गई थी सुकन्या समृद्धि के हाथों को केवल लड़कियों के लिए खोला गया था इसमें माता पिता एवं अभिभावक द्वारा निश्चित धनराशि बैंक अकाउंट में जमा करना होता है और एक निश्चित समयावधि के बाद परिपक्वता प्राप्त होने पर इस पैसे को ब्याज के साथ प्राप्त किया जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले जनसंख्या को भी इसके दायरे में लाना है जिससे वह बैंक कार्य वह डाकघर से संबंधित कार्य आसानी से कर सकें और इस योजना का लाभ ले सकें।

अन्य योजनाओं से किस यह प्रकार भिन्न है इसकी क्या विशेषताएं हैं?

यह योजना केवल बच्चियों के लिए शुरू की गई है जिस की परिपक्वता अवधि खाते शुरू होने के लगभग 21 वर्ष बाद पूर्ण होती है अर्थात 21 वर्ष के बाद खाते से पैसे निकाले जा सकते हैं। परिपक्वता अवधि के बाद भी यदि खाते को बंद नहीं किया जाता तो जमा धन पर ब्याज मिलता रहेगा

और इसकी सूचना आपको बैंक द्वारा दी जाती रहेगी। परंतु इस दौरान यदि बच्ची का विवाह 21 वर्ष पूर्ण होने से पहले कर दिया जाता है तो खाता स्वत: ही बंद हो जाएगा।

sukanya samriddhi yojana के 21 वर्ष की परिपक्वता काल के पहले भी लड़की द्वारा धन को निष्कासित किया जा सकता है इसमें सर्त  केवल यही है कि उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो चुकी हो अगर वह इस परिस्थिति में धन निकालती है तो वह कुल धन का लगभग 50% धन ही निकाल सकती है। यह धन केवल उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए एवं विवाह कार्य के लिए ही उपयोग में लाई जा सकेगी इसमें एक शर्त और भी है कि खाते में लगभग 14 वर्ष तक जमा किया गया हो या इससे अधिक हो तभी धन निकाला जा सकता है।

इस योजना के माध्यम से कौन खाता खोल सकता है?

इस योजना के अंतर्गत लड़की के माता-पिता अथवा अभिभावक द्वारा sukanya samriddhi yojana किसी अधिकृत बैंक अथवा डाकघर के माध्यम से खोला जा सकता है, शर्त यह है कि जब यह खाता खोला जा रहा हो उस समय लड़की के नाम से खोला जाए एवं उसकी आयु 10 वर्ष से कम हो तभी यह खाता खोला जा सकता है। यह खाता खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज की आवश्यकता होती है।

सुकन्या समृद्धि योजना का खाता कैसे खोला जाता है?

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खोलने के लिए तीन प्रकार के दस्तावेजों की आवश्यकता होती है-
1. अधिकृत संस्था से जन्म प्रमाण पत्र।
2. पैन कार्ड या हाई स्कूल का प्रमाण पत्र
3. इसके साथ ही निवास प्रमाण पत्र पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस बिजली और टेलीफोन बिल राशन कार्ड मतदाता परिचय पत्र वह अन्य प्रमाण पत्र जिसमें निवास का उल्लेख हो, फॉर्म के साथ संलग्न किया जा सकता है।

कौन-कौन से बैंक द्वारा यह खाता खोला जा सकता है?

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत केंद्रीय बैंक व केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत बैंकों में ही यह खाता खोला जा सकता है अर्थात देश के राष्ट्रीय कृत बैंकों एवं अधिकृत बैंकों में ही खाता खोलने की अनुमति है – निचे कुछ बैंको का लिस्ट दिया गया है जिसमे आप sukanya samriddhi yojana खाता खुलवा सकते है।

इलाहाबाद बैंकभारतीय स्टेट बैंक (SBI)ऐक्सिस बैंकबैंक ऑफ इंडिया (BOI)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI)केनरा बैंकबैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडियायूको बैंकआईसीआईसीआई बैंकआईडीबीआई बैंक
देना बैंककॉर्पोरेशन बैंकइंडियन ओवरसीज बैंक (IOB)सिंडीकेट बैंक
विजय बैंकआंध्रा बैंकबैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM)स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद (SBH)

sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत कितनी धनराशि प्रतिवर्ष जमा की जा सकती है?

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत एक निश्चित धनराशि के तहत कम से कम 250 प्रतिवर्ष जमा करना अनिवार्य है जबकि अधिकतम सीमा की बात की जाए तो 1.5 लाख रुपए अधिकतम जमा कराया जा सकते हैं। खाता खोलने के बाद 14 वर्ष तक लगातार धनराशि जमा करना अनिवार्य होता है।

sukanya samriddhi yojana के तहत धनराशि कैसे जमा करें?

योजना अंतर्गत प्रतिवर्ष इस बैंक के खाते में नगद, डिमांड ड्राफ्ट, चेक अथवा डिजिटल पेमेंट के माध्यम से पैसे खाते में खाता धारक द्वारा जमा किए जा सकते हैं बस वह post office या मुख्य बैंकिंग सिस्टम से जुडी हो।

क्या यह खाता ट्रांसफर हो सकता है?

हाँ, सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत आवश्यकता पड़ने पर खाता को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित या ट्रांसफर किया जा सकता है, लेकिन  इसमें एक शर्त जोड़ी गई है की खाताधारक लड़की कहीं दूसरी जगह जा रही हो तभी खाता ट्रांसफर होगा। इसमें बैंक को transfer होने के दस्तावेज दिखाने होते हैं, अगर दस्तावेज अभिभावक द्वारा नहीं दिखाया जाता तो इसके लिए डाकघर या बैंक को 100 रुपये शुल्क देना होता है।

क्या N.R.I  लड़की यहां खाता खुलवा सकती है?

sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत केवल भारत में रहने वाले नागरिक ही खाता खुलवा सकते हैं। NRI नागरिक के बच्चे भारत की नागरिकता लेने के तुरंत बाद sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत खाता खुलवाने के हकदार हो जाते हैं। इसी बीच अगर भारत में निवास करने वाली लड़कियों की नागरिकता किसी अन्य देश में ग्रहण कर ली जाती है, तो उस दिन से sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत ब्याज का लाभ इस योजना के माध्यम से नहीं मिलेगा।

sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत क्या टैक्स में छूट मिलती है?

जी हां, इस योजना के अंतर्गत खाताधारक को कर छूट के साथ रिटर्न भी टैक्स फ्री किया जाता है इस योजना के अंतर्गत आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत छूट प्राप्त होती हैं, और डेढ़ लाख तक के निवेश पर भी छूट का प्रावधान है। परिपक्वता के बाद जो धनराशि निकाली जाएगी उसमें किसी भी प्रकार का कर नहीं लगेगा।

ये भी पढ़े – 

Ration card क्या है? इसके क्या क्या फायदे है। और कैसे बनवाये।
Pan Card का नाम और अन्य विवरण ऑनलाइन कैसे बदलें।
Voter list में ऑनलाइन और ऑफलाइन अपना नाम कैसे जोड़े
zameen ka naksha अपने मोबाइल पर कैसे देखे।

क्या यह योजना समयावधि पूर्व बंद की जा सकती है?

sukanya samriddhi yojana क्योंकि बच्ची के वयस्क होने तक जारी रहती है परंतु इसी बीच आपातकालीन परिस्थिति में धनराशि के निकालने के लिए कुछ शर्तें भी हैं और इसे बंद भी किया जा सकता है। इसमें खाता धारक की मृत्यु हो जाने पर, खाता शुरू होने के 5 साल बाद इसे बंद किया जा सकता है। चिकित्सीय आपातकालीन परिस्थिति में भी इसे बंद किया जा सकता है।
खाता बंद करने के लिए एक आवेदन पत्र लगता है। पहचान पत्र, निवास एवं नागरिकता का प्रमाण पत्र साथ में संलग्न किया जाता है और बैंक या डाकघर में से जमा किया जाता है जहां आपका खाता हो।

sukanya samriddhi yojana खाते में से क्या कुछ पैसे पहले ही निकाले जा सकते हैं?

कुछ शर्तों के साथ लगभग 50% धनराशि शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश के लिए या अन्य जरूरी कार्यों या शादी जैसे कार्य के समय इस योजना से धन राशि निकाली जा सकती है।

यदि समयानुसार प्रतिवर्ष शुल्क जमाना किया जाए तो कोई अर्थदंड लगता है?

अगर खाताधारक के अभिभावक समय पर धनराशि जमा नहीं करते तो 50 रूपए  का अर्थदंड लगता है?

सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत ब्याज दर कितनी रखी गई है?

इस योजना के तहत अत्यधिक ब्याज दर का प्रावधान किया गया था शुरू में ब्याज दर 9.1% रखा गया परंतु 2020 के लिए घटकर 8.5% कर दिया गया है। प्रतिवर्ष ब्याज दर की समीक्षा की जाती है और बजट के साथ इसके दर की घोषणा भी की जाती है।

ऑनलाइन sukanya samriddhi yojana खाते को कैसे खुलवाएं?

sukanya samriddhi yojana के खाते को खुलवाने के लिए ऑनलाइन की व्यवस्था भी की गई है। आप किसी भी राष्ट्रीय कृत बैंक में जाकर यह खाता खुलवा सकते हैं। इसके लिए आप ऑनलाइन फॉर्म/आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी चॉइस सेंटर में जाकर, कुछ शुल्क देकर, जरूरी दस्तावेज साथ में ले जाकर, उसकी छाया प्रति रखकर खाता खुलवा सकते हैं।

अगर स्वयं घर पर ऑनलाइन खाता खुलवाना है तो आप सुकन्या समृद्धि योजना के पेज में जाकर आवेदन कर सकते हैं और फॉर्म भरने के बाद उससे सबमिट कर सकते हैं। इसका फॉर्म आप यहां sukanya samriddhi yojana आवेदन फॉर्म  पर क्लिक कर के डाउनलोड कर सकते है।

sukanya samriddhi yojana ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

सुकन्या समृद्धि योजना के खाते को खुलवाने का यह एक सरल माध्यम है जिस बैंक या डाकघर में खाता खुलवाना चाहते हैं वहां जाकर आवेदन पत्र प्राप्त करें उसे भरकर, जरूरी दस्तावेज के साथ संलग्न करें। इस दौरान कोई परेशानी आ रही हो तो पूछताछ केंद्र या बैंक के कर्मचारियों से सहायता ली जा सकती है।

फार्म भरने के बाद उसकी जांच की जाती है, और वहां के मैनेजर द्वारा खाता खोला जाता है , इसके लिए एक पासबुक भी दी जाती है इसमें लेनदेन का समस्त व्योरा होता है, पासबुक मिलने के बाद खाता शुरू हो जाता है।

क्या sukanya samriddhi yojana के खाते के अंतर्गत हम लोन प्राप्त कर सकते हैं?

यह तभी संभव है जब इस योजना की धनराशि परिपक्व हो चुकी हो तभी आप इस आधार पर लोन प्राप्त कर सकते हैं अन्यथा नहीं।

एक परिवार में अधिकतम कितने खाता खोले जा सकते हैं?

एक परिवार के अंतर्गत लगभग अधिकतम दो बच्चियों के लिए यह खाता खोला जा सकता है, इसमें एक शर्त यह है कि अगर कोई जुड़वा बच्चे हैं तो उसका भी खाता खोलने की अनुमति होती है।

क्या sukanya samriddhi yojana के खाते में बच्ची का नाम व जन्मतिथि बदली जा सकती है?

अगर इस योजना के अंतर्गत खाते को खोलते समय किसी भी प्रकार की गलत सूचना दर्ज कर दी जाती है तो उसमें सुधार भी किया जा सकता है। इसके लिए एफिडेविट जमा करना होता है साथ ही जरूरी दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होता है।

अभिभावकों की मृत्यु हो जाने पर क्या होगा?

sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत शुरू किए गए खाते की परिपक्वता अवधि के दौरान यदि अभिभावकों की मृत्यु हो जाती है, तो मृत्यु प्रमाण पत्र एवं अन्य दस्तावेज बैंक या डाकघर में जमा कर खाते को बंद करा सकते है और जो राशि जमा की जाती है उसे परिपक्वता के साथ ब्याज जोड़कर उस कन्या को पूरी धनराशि दे दी जाती है।

क्या अभिभावकों का नाम परिवर्तित किया जा सकता है?

जी नहीं अभिभावकों का नाम परिवर्तित नहीं किया जा सकता। अगर अभिभावकों की मृत्यु हो जाती है तो उसके लिए अलग प्रावधान है।

खाता धारक की मृत्यु हो जाने पर क्या होगा?

sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत यदि खाता खुलवाया जाता है और परिपक्वता अवधि के पहले ही बच्ची या बालिका की मृत्यु हो जाती है तो जो धनराशि अभिभावक द्वारा जमा की गई है। वह पूरी धनराशि उन्हें प्रदान कर दी जाएगी।

उदाहरण के रूप में राशि की एक लिस्ट निम्नलिखित दी गई है जो आवेदक को 21 वर्ष की योजना के कार्यकाल पूरा होने के बाद प्राप्त होती है-

राशि (वार्षिक)
(₹ में)
राशि(14 वर्ष)
(₹ में)
मेच्योरिटी राशि (21 वर्ष)
(₹ में)
1000 14000 46,821
2000 28000 93,643
5000700002,34,107
100001400004,68,215
200002800009,36,429
5000070000023,41,073
100000140000046,82,146
125000175000058,52,683
150000210000070,23,219

क्या sukanya samriddhi yojana के अंतर्गत कोई हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया गया है?

जी हां इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार के द्वारा अभिभावकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1800-223-060 दिया गया है , जिस पर आप सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

तो हम उम्मीद करते है की आपको sukanya samriddhi yojana के बारे में  बहोत कुछ पता चल गया  होगा , फिर भी आपके मन में इस से जुडी कोई भी प्रश्न हो तो आप हमें कमेंट में पूछ सकते है हम आपके सवालो के जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे। अच्छा लगा तो शेयर जरूर करे।  धन्यवाद् ,

पसंद आया तो शेयर करे।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*