TRP क्या है? टीआरपी की गणना कैसे की जाती है।

TRP

दोस्तों आप हमेशा TRP के बारे में सुनते होंगे और आपके दिमाग में ये बात आती होगी की आखिर ,टीआरपी क्या है , और इसकी गणना कैसे की जाती है? TRP का फुल फॉर्म क्या है , TRP बढ़ने या घटने पर क्या होता है?  तो दोस्तों आज हम आपको सभी सवालो का जवाब देने वाला हूँ।  तो आइये जानते है।

TRP क्या है? और TRP का full form क्या है ?

दोस्तों सबसे पहले आप TRP का फुल फॉर्म समझे – TRP का full form – दो तरह से बोला जाता है ,

  1. Target Rating Point,
  2. Television Rating Point.

टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट। टीआरपी एक उपकरण है जो टेलीविजन पर एक कार्यक्रम की लोकप्रियता को जांचता है । इसका उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि कौन सा टेलीविजन कार्यक्रम सबसे अधिक देखा जाता है। यह लोगों की पसंद का एक डाटा देता है और विशेष कार्यक्रम की लोकप्रियता को दर्शाता है।

सबसे ज्यादा देखे जाने वाला कार्यक्रम को चिन्हित करता है । विज्ञापनदाताओं के लिए इसका डेटा बहुत उपयोगी है क्योंकि, वे उच्च TRP वाले कार्यक्रमों को  अपने विज्ञापन देते हैं। TRP  की गणना के लिए, एक डिवाइस  कुछ हजार दर्शकों के घरों के tv सेट से जुड़ा होता है।  जिससे उस डिवाइस में डाटा आ जाता है की कितने घर में कौन से प्रोग्राम चल रहा है । इस उपकरण को People Meter कहा जाता है

यह उस समय और कार्यक्रम को रिकॉर्ड करता है जिसे एक दर्शक किसी विशेष दिन देखता है और औसत 30 दिनों की अवधि के लिए डाटा लिया जाता है जो किसी विशेष चैनल के लिए दर्शकों की स्थिति देखता है।

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TRP  की गणना कैसे की जाती है? टीआरपी की गणना या जांच कैसे होता है।

TRP की गणना दो भारतीय एजेन्सी INTAM और DART द्वारा किया जाता है। जिसका फूल फॉर्म है –

INTAM – इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट,

DART – दूरदर्शन ऑडियंस रिसर्च टीम,

क्या आप जानते हैं कि टीआरपी की गणना भारतीय एजेंसियों यानी INTAM और DART द्वारा की जाती है? INTAM इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट है। इससे पहले, DART यानी दूरदर्शन ऑडियंस रिसर्च टीम का इस्तेमाल इन रेटिंग्स की गणना करने के लिए किया जाता था क्योंकि उस समय उपलब्ध एकमात्र चैनल केवल दूरदर्शन था। फिर भी DART मौजूद है और एक एजेंसी है जो ग्रामीण लोगों के टीवी देखने के पैटर्न को ध्यान में रखती है। वे लोगो से विभिन्न चैनलों और टीवी कार्यक्रमों के बारे में सवाल करते हैं और दर्शकों के आंकड़े प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीकों का भी उपयोग करते हैं।
वर्तमान में, INTAM (इंडियन टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट) एकमात्र एजेंसी है जो TRP गणना के क्षेत्र में काम कर रही है।

जानकारी का विश्लेषण करने के बाद, टीम तय करती है कि चैनल या कार्यक्रम की टीआरपी क्या है। या हम कह सकते हैं कि इस डेटा का बाद में एजेंसी द्वारा विभिन्न टीवी चैनलों और टीवी कार्यक्रमों का एक राष्ट्रीय टीआरपी डेटा बनाने के लिए विश्लेषण किया जाता है।

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TRP  की गणना दो तरीकों पर काम करता है।

1) Frequency Monitoring Method – आवृत्ति निगरानी विधि –

इस विधि में टीआरपी की गणना करने के लिए, एक डिवाइस को मॉनिटरिंग के लिए कुछ हजार दर्शकों के घरों के टीवी सेट से जोड़ा जाता है। इस उपकरण को People Meter कहा जाता है।  और वह समय और कार्यक्रम रिकॉर्ड करता है जिसे दर्शक देखता है। उसके बाद दर्शकों की स्थिति जानने के लिए औसतन 30 दिन की अवधि ली जाती है।

2) Picture Matching Technique – चित्र मिलान तकनीक

टीआरपी की गणना करने के लिए एक और तकनीक है पिक्चर मैचिंग तकनीक, इस तकनीक में, पीपल का मीटर लगातार उस तस्वीर के एक छोटे से हिस्से को रिकॉर्ड करता है जिसे एक विशेष टेलीविजन सेट पर देखा जाता है। उसके बाद नमूना घरों से डेटा एकत्र किया जाता है और राष्ट्रीय रेटिंग की गणना करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह तकनीक भारत में अधिक विश्वसनीय और तुलनात्मक रूप से नई है।

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TRP  बढ़ने या घटने पर क्या होता है? टीवी चैनल पर क्या प्रभाव परता है।

किसी भी कार्यक्रम की TRP में वृद्धि या कमी सीधे उस टीवी चैनल की आय को प्रभावित करती है जिसमें यह कार्यक्रम आ रहा है। क्या आप जानते हैं कि कोई भी टीवी चैनल जैसे Sony, Star Plus, Z Channel आदि विज्ञापन के माध्यम से पैसा कमाते हैं? यदि मान लें कि किसी प्रोग्राम या चैनल की TRP कम है, जिसका अर्थ है कि लोग इसे कम देख रहे हैं, तो विज्ञापनदाता कम विज्ञापन देंगे और कम भुगतान करेंगे।

लेकिन, अगर टीआरपी कार्यक्रम की अधिक है, तो अधिक विज्ञापन मिलेंगे । इसलिए, हम कह सकते हैं कि टीआरपी न केवल चैनल पर बल्कि कार्यक्रम पर भी निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी चैनल कहती है कि राइजिंग स्टार की TRP किसी अन्य प्रोग्राम से अधिक है तो विज्ञापनदाता उस प्रोग्राम में विज्ञापन देना चाहेंगे और अधिक भुगतान भी करेंगे।

TRP  दर क्या है?

TRP  दर –  जिस पर एक टीवी चैनल की टीआरपी की गणना की जाती है। किसी भी चैनल या प्रोग्राम की टीआरपी उस प्रोग्राम पर निर्भर करती है जो प्रदर्शित होता है। यह समझा जा सकता है कि जब कोई फिल्म स्टार अपनी फिल्म के प्रचार के लिए किसी कार्यक्रम में आता है, तो उस कार्यक्रम की टीआरपी अपने आप बढ़ जाती है क्योंकि लोग उस फिल्म स्टार को अधिक देखना पसंद करते हैं।
तो अब आप समझ गए होंगे कि TRP टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट है, जो किसी भी प्रोग्राम या चैनल की लोकप्रियता और दर्शकों को ट्रैक करने में मदद करता है।

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