VoLTE और LTE क्या है? इसमें क्या अंतर होता है?

VoLTE

दोस्तों आपको पता नहीं है तो आपको बताते चले के LTE और VoLTE का फुल फॉर्म क्या होता है। LTE का फुल फॉर्म – ‘लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन होता है।  आम तौर पर LTE को 4G भी कहा जाता है।  Airtel ने 2012 में भारत में पहली LTE नेटवर्क सेवा की शुरुआत किया था।

और  VoLTE का फुल फॉर्म ”Voice over लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन होता है। यह 4G नेटवर्क को भी सपोर्ट करता है, VoLTE में, आप कॉल करते समय डेटा कनेक्टिविटी का भी उपयोग  कर सकते है। भारत में सबसे पहले VoLTE सेवा की शुरुआत रिलायंस जिओ ने की थी.

दोस्तों जैसा कि हम जानते हैं कि दुनिया के अधिकतर देशों में 4G की गति से इन्टरनेट चलता है। जो अनेक देश में LTE के रूप में भी जाना जाता है। लेकिन एक और शब्द है VoLTE जो कई लोगों को समझ में नहीं आता के यह है क्या। इसलिए इस लेख में हम आपको इसके बारे में बताएँगे। तो चलिए पढ़ते है।

आइये  LTE और VoLTE के अंतर को समझने से पहले, हम दोनों शब्दों के अर्थ को अलग-अलग समझाते है।

LTE क्या है?

LTE का फुल फॉर्म ‘लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन है। इसे 4G भी कहा जाता है।

हालाँकि, इस नेटवर्क की एक खामी यह भी है कि अगर आप इसे अपने स्मार्टफोन में यूज़ कर रहे हैं और आपके नंबर पर कोई कॉल आ जाता है तो इंटरनेट कनेक्टिविटी बंद हो जाती है। लेकिन इस समस्या से बचने के लिए volte यूज़ कर सकते है। एयरटेल ने 2012 में भारत में पहली LTE नेटवर्क सेवा शुरू की थी.

VoLTE क्या है?

VoLTE का फुल फॉर्म है ‘वॉयस ओवर लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन है। इसमें 4G भी सपोर्ट करता है।

इस नेटवर्क ने LTE की एक समस्या को हल कर दिया है।  इस नेटवर्क में आप हाई स्पीड इंटरनेट सेवा यूज़ कर सकते है। इसके इस्तेमाल करते समय अगर आपके मोबाइल में किसी का कॉल आ भी जाता है तो नेटवर्क कनेक्टिविटी बाधित नहीं होगी।  रिलायंस जिओ ने 2016 में भारत में VoLTE सेवा शुरू की थी।

LTE और VoLTE के बीच अंतर:-

LTEVoLTE
1. इसका फुल फॉर्म लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन है।1. इसका फुल फॉर्म ‘Voice over लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन होता है
2. एलटीई नेटवर्क पर वीडियो कॉल करने के लिए आपको बाहरी सॉफ्टवेयर जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक मैसेंजर और स्काइप आदि यूज़ करना पड़ेगा2.  इसमें  वीडियो कॉल करने के लिए अलग से बाहरी सॉफ्टवेर की जरूरत नहीं होती है।
3. यह एक साथ कॉल और डेटा का सपोर्ट कर भी सकता है और नहीं भी कर सकता है।3. वॉयस कॉल और डेटा सेवाओं को एक साथ यूज़ कर सकते है।
4. यह केवल 4G बैंडविड्थ पर डेटा स्पीड को बढ़ाने का कार्य करता है।4.इसमें एक दूसरे को प्रभावित किए बिना इंटरनेट और वॉयस कॉलिंग दोनों को एक साथ चला सकते है।
5. 3G नेटवर्क पर कॉल कनेक्ट करने में लगभग 7 सेकंड लगते हैं।5. यदि दोनों उपयोगकर्ता VoLTE नेटवर्क पर हैं तो यह उपयोगकर्ताओं को केवल एक या दो सेकंड में जोड़ देता है।
6. भारत में इसे एयरटेल ने शुरू किया था।6. इसे भारत में रिलायंस जिओ ने लांच किया था।
7. यह 2012 में शुरू किया गया था।7. यह 2016 में शुरू किया गया था।

तो दोस्तों ये था LTE और VoLTE के बारे में कुछ जरुरी जानकारी अच्छा लगे तो शेयर जरूर करे  .

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